Gonda- पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बैकफुट पर आई खोरहंसा पुलिस

A R Usmani
A R Usmani - सम्पादक- ख़बर हिंदी
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जनसेवा केंद्र संचालक की हत्या को दुर्घटना बता रही थी खाकी

गला दबाने से हुई थी वसीम की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा

गोण्डा। जिले के कोतवाली देहात के खोरहंसा चौकी क्षेत्र में की गई युवक की हत्या को दुर्घटना बताने वाली पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद खुद कटघरे में खड़ी हो गई है। हालांकि, खिसियानी खाकी आनन-फानन में कातिलों का सुराग लगाकर इस वारदात का खुलासा करने में जुट गई है जिससे वह इलाके में हो रही अपनी किरकिरी और एसपी की कार्रवाई से बच सके।

बताते चलें कि खोरहंसा चौकी क्षेत्र के पूरे तिवारी गांव निवासी 28 वर्षीय वसीम उर्फ बब्लू पुत्र सलीम को सोमवार की रात करीब साढ़े नौ बजे फोन करके किसी व्यक्ति द्वारा जमुनियाबाग बुलाया गया था। काफी देर तक जब वह वापस घर नहीं आया तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। रात में करीब साढ़े 10 बजे युवक का शव घर से कुछ दूरी पर गोण्डा अयोध्या नेशनल हाईवे के किनारे पड़ा मिला और उसकी बाइक थोड़ी दूर पर खड़ी पायी गयी। इस घटना को लेकर परिजनों द्वारा शुरू से ही हत्या की बात कही जा रही थी लेकिन पुलिस इसे दुर्घटना बता रही थी।

देर शाम तक पुलिस दुर्घटना में ही मौत का दावा करती रही लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो पुलिस के झूठ और फर्जी दावे से पर्दा उठ गया जिसके बाद इलाके में उसकी खूब फजीहत हुई। बताया जाता है कि मृतक वसीम उर्फ बब्लू जनसेवा केंद्र का संचालन करता था। इसके अलावा वह प्रापर्टी डीलिंग का भी काम करता था। मनी ट्रांसफर सहित अन्य काम भी वह जनसेवा केंद्र से ही करता था। परिजनों का कहना था कि जब वे लोग घटनास्थल पर पहुंचे तो वसीम का गला काले रंग के गमछे से कसा हुआ था।

उसके सिर पर चोट और गले पर खरोंच के निशान थे। उसकी मोबाइल गायब थी। हत्या को हादसा बताकर इतनी बड़ी और जघन्य घटना को ठंडे बस्ते में डालकर अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने की कोशिश करने वाली खाकी की खूब छीछालेदर हुई। हर व्यक्ति द्वारा इलाकाई पुलिस की कार्यशैली और लापरवाही की भर्त्सना की जा रही थी। सवाल यह था कि जब फोन करके वसीम को जमुनियाबाग बुलाया गया तो उसका शव परसापुर के पास कैसे पाया गया ?

बड़ा सवाल यह भी है कि जब दुर्घटना हुई तो उसकी मोटरसाइकिल सड़क के किनारे क्यों खड़ी मिली और मृतक की मोबाइल आखिर कहां गायब हो गई? ये ऐसे सवाल हैं जो अनसुलझे हैं। बहरहाल, पुलिस करीब दर्जनभर लोगों को शक के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मर्डर का क्लू सड़क के किनारे मकानों और दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से भी तलाश करने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही मोबाइल की कॉल डिटेल भी खुलासे में ज्यादा मददगार साबित हो सकती है।

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सम्पादक- ख़बर हिंदी बचपन से ही पत्रकारिता का शौक था। मीडिया जैसे हथियार से समाज के दबे-कुचले, पिछड़े, शोषित, पीड़ित लोगों की मदद करने का जज्बा था जो अब भी बरकरार है। शुरूआत से ही सच लिखने का शौक़ था और जुनून भी। पीत पत्रकारिता करने वालों से घृणा है। नामचीन पत्रकारों के लेख मैं आज भी पढ़ता हूं। मकसद सिर्फ मिशन पत्रकारिता है। भारत के कई प्रिंट मीडिया संस्थानों में 25 वर्षों का योगदान रहा।
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