नदी के दो छोर की तरह है पुलिस-पब्लिक का संबंध अभिषेक सिंह

A R Usmani - सम्पादक- ख़बर हिंदी
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इटियाथोक पुलिस द्वारा गांवों में चलाया गया जागरुकता अभियान

खरगूपुर, गोण्डा कस्बे से सटे गांव इटियाथोक में मंगलवार को पुलिस-पब्लिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपराध नियंत्रण व क्षेत्रवासियों की समस्याओं के लिए समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया।

प्रभारी निरीक्षक अभिषेक सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में भारी संख्या में गांव की महिलाएं, आम नागरिक, प्रबुद्ध नागरिक व व्यापार मंडल के नेताओं ने भाग लिया। अपने संबोधन में कोतवाल अभिषेक सिंह ने कहा कि पुलिस-पब्लिक नदी के दो किनारे हैं।

इस पर समन्वय की पुलिया बना देना है, तभी यह बैठक सार्थक हो सकेगी। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के निपटारे के लिए पुलिस 24 घंटे जनता की सेवा में तत्पर है।उन्होंने साइबर ठगी जैसे अपराध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में साइबर जालसाज द्वारा आए दिन नए-नए तरीकों से लोगों को ठगा जा रहा है।

गाँव वालों के साथ बैठक करते प्रभारी निरीक्षक अभिषेक सिंह

इंटरनेट मीडिया साइबर क्राइम का एक सशक्त माध्यम

इससे बचने के लिए सोशल प्लेटफॉर्म सावधानी व सतर्कता के साथ प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से अपराधियों द्वारा इंटरनेट मीडिया को साइबर क्राइम का एक सशक्त माध्यम बनाकर प्रयोग किया जा रहा है, उससे बचने के लिए लोगों को खुद जागरूक होने के साथ ही दूसरों को भी सतर्क करना चाहिए।

थाना प्रभारी निरीक्षक ने इसके बाद क्षेत्र के गांव पूरे सिधारी व धर्मेई पहुंचकर बैठक की। उन्होंने महिला संबंधी अपराध नियंत्रण की दिशा में कई बिंदुओं पर पहल करने को प्राथमिकता बताई। आगामी होली त्यौहार को आपसी प्रेम व सौहार्द पूर्वक मनाने की अपील की।

इस दौरान व्यापार मंडल के अध्यक्ष महेंद्र जैन, समाजसेवी राजेश दूबे सहित उपनिरीक्षक रवि यादव, आरक्षी रवीश कुमार के साथ समस्त स्टाफ मौजूद रहा।

अब टेढ़ी नदी की बेशकीमती जमीन पर गड़ी भू-माफियाओं की नजर!

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सम्पादक- ख़बर हिंदी बचपन से ही पत्रकारिता का शौक था। मीडिया जैसे हथियार से समाज के दबे-कुचले, पिछड़े, शोषित, पीड़ित लोगों की मदद करने का जज्बा था जो अब भी बरकरार है। शुरूआत से ही सच लिखने का शौक़ था और जुनून भी। पीत पत्रकारिता करने वालों से घृणा है। नामचीन पत्रकारों के लेख मैं आज भी पढ़ता हूं। मकसद सिर्फ मिशन पत्रकारिता है। भारत के कई प्रिंट मीडिया संस्थानों में 25 वर्षों का योगदान रहा।
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