गोंडा: बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और पुलिसिंग को हाईटेक बनाने की दिशा में गोंडा पुलिस ने एक अहम पहल की है। अपर पुलिस महानिदेशक (गोरखपुर जोन) के आदेशों और पुलिस अधीक्षक (SP) विनीत जायसवाल के निर्देशन में गुरुवार को पुलिस लाइन सभागार में एक दिवसीय विशेष ‘साइबर कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर अपराधों की विवेचना और तकनीकी दक्षता में निपुण बनाना था।
साइबर कमांडो ने दिए तकनीकी टिप्स
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला का संचालन साइबर क्राइम कमांडो एवं उप निरीक्षक उपेन्द्र कुमार सिंह ने किया। उन्होंने वर्कशॉप में मौजूद पुलिसकर्मियों को साइबर दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तौर-तरीके सिखाए जिसमें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP), (IT एक्ट) सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, साइबर हेल्प डेस्क, त्वरित निस्तारण आदि की जानकारी दी गयी।
तकनीकी रूप से दक्ष होगी गोंडा पुलिस
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को साइबर अपराधों से जुड़े मामलों की विवेचना (Investigation) में तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। एसपी विनीत जायसवाल की मंशा है कि आम नागरिकों की साइबर संबंधी शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर न हो, बल्कि पीड़ित को समय रहते न्याय मिले और अपराधी पकड़े जाएं।
जिज्ञासाओं का हुआ समाधान
कार्यशाला में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक उदाहरण (Practical Examples) भी दिए गए। प्रशिक्षण में शामिल पुलिसकर्मियों ने विवेचना के दौरान आने वाली तकनीकी अड़चनों पर सवाल पूछे, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि साइबर जागरूकता और सख्त कार्रवाई के लिए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
इस प्रशिक्षण सत्र में जिले के सभी थानों के अपराध निरीक्षक, साइबर हेल्प डेस्क के नोडल अधिकारी, पोर्टल कर्मी, साइबर सेल प्रभारी और अपराध शाखा (Crime Branch) के सभी विवेचक मौजूद रहे।
