कुरूक्षेत्र में गोण्डा के शिक्षक सुनील कुमार वर्मा को मिला राष्ट्र रत्न अवार्ड

A R Usmani
A R Usmani - सम्पादक- ख़बर हिंदी
2 Min Read

गोण्डा। कुरूक्षेत्र हरियाणा में एक से तीन जनवरी 2023 तक शिक्षकों की तीन दिवसीय राष्ट्रीय आवासीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिले के शिक्षक सुनील कुमार वर्मा को राष्ट्र रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया।

नवोदय क्रांति परिवार भारत के संस्थापक संदीप ढिल्लो ने बताया कि इस कार्यशाला में देश भर से सैकड़ों शिक्षक पहुंचे। कार्यशाला का शुभारंभ वर्चुअल के माध्यम से अमेरिका से ओम वर्मा द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि केन्या अफ्रीका से आए सोदान सिंह तरार ने शिक्षकों को राष्ट्र रत्न अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री के मुख्य मीडिया कोऑर्डिनेटर दीपकमल सहारण, एडवोकेट पवन मलिक, पवन शर्मा पहलवान, ओमपाल, दया सिंह स्वामी, देवीलाल बारना, राजपाल पांचाल, राकेश भारद्वाज, सुखदेव आदि शामिल हुए।

इस कार्यशाला में गोण्डा जनपद के नवाचारी शिक्षक प्राथमिक विद्यालय चपरतल्ला विकास खण्ड मुजेहना के सहायक अध्यापक सुनील कुमार वर्मा ने जिले का प्रतिनिधित्व किया तथा राष्ट्रव्यापी सरकारी शिक्षा के महत्व एवं राष्ट्रीय एकता की प्रासंगिकता विषय पर अपना विचार प्रस्तुत किया। शिक्षक सुनील कुमार वर्मा के द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु किए जा रहे शैक्षणिक, साहित्यिक, सामाजिक एवं सृजनात्मक कार्यों व प्रयासों के लिए शिक्षक को राष्ट्रीय रत्न अवार्ड-2023 स्मृति चिन्ह एवं सम्मान का प्रतीक हरियाणवी पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।

शिक्षक सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि कार्यशाला में शिक्षकों को वैदिक गणित, सुंदर लेखन, शून्य निवेश गतिविधि, हिंदी भाषा शिक्षण, डिजिटल कंटेंट सहित अन्य विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर चर्चा की गई।

( आप  हमें  फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और  यूट्यूब  पर  भी  फ़ॉलो  कर  सकते  हैं )

Share This Article
सम्पादक- ख़बर हिंदी
Follow:
सम्पादक- ख़बर हिंदी बचपन से ही पत्रकारिता का शौक था। मीडिया जैसे हथियार से समाज के दबे-कुचले, पिछड़े, शोषित, पीड़ित लोगों की मदद करने का जज्बा था जो अब भी बरकरार है। शुरूआत से ही सच लिखने का शौक़ था और जुनून भी। पीत पत्रकारिता करने वालों से घृणा है। नामचीन पत्रकारों के लेख मैं आज भी पढ़ता हूं। मकसद सिर्फ मिशन पत्रकारिता है। भारत के कई प्रिंट मीडिया संस्थानों में 25 वर्षों का योगदान रहा।
Leave a Comment
error: Content is protected !!