Gonda News: गोण्डा मांगे विश्वविद्यालय मुहिम को मिली रफ्तार

A R Usmani - सम्पादक- ख़बर हिंदी
2 Min Read
स्कूल के बच्चों ने मुख्यमंत्री को भेजा पोस्टकार्ड

गोण्डा। जिले में विश्वविद्यालय स्थापना को लेकर गोण्डा मांगे विश्वविद्यालय मुहिम को गति प्रदान करने के क्रम में इंकलाब फाउंडेशन के अध्यक्ष अविनाश सिंह के नेतृत्व में शनिवार को फुलवारी पब्लिक स्कूल के छात्रों ने मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड भेजकर मंडल मुख्यालय गोण्डा में विश्वविद्यालय स्थापना की मांग की है।

इंकलाब फाउंडेशन के अध्यक्ष अविनाश सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय की स्थापना जनपद गोण्डा में ही होनी चाहिए। इसीलिए हम सभी लगातार एक के बाद एक मुहिम चला रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को स्कूल के बच्चों द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पोस्ट कार्ड भेजकर विभिन्न स्कूलों द्वारा इसका समर्थन किया गया है।

इसी तरह सोमवार को भी विभिन्न स्कूलों के बच्चों, समाजसेवियों, व्यापारियों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों, सफाई कर्मचारियों द्वारा पोस्टकार्ड भेजकर मंडल मुख्यालय-गोण्डा पर विश्वविद्यालय स्थापना की मांग की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसी के साथ जनप्रतिनिधियों, पूर्व जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों के अध्यक्षों व अन्य लोगों से मुलाकात कर समर्थन लिया जाएगा।

फुलवारी पब्लिक स्कूल की प्रबंधक नीता सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रस्तावित स्थल डोमाकल्पी लखनऊ हाइवे के निकट है, जिससे यहां आवागमन की सुचारू रूप से सुविधा है। डोमाकल्पी भगवान श्रीराम जन्मभूमि के चौरासी कोसी परिक्रमा की परिधि में आता है जबकि मंडल के अन्य जिले बाढ़ ग्रस्त इलाके हैं। वहीं युवाओं ने कहा कि विश्वविद्यालय स्थापना मंडल मुख्यालय पर ही होनी चाहिए, अन्यथा युवा सड़कों पर उतरने को विवश होंगे।

Read More- Gonda MSITM: शैलजा विश्वकर्मा व हिमांगी भारती ने प्राप्त किया कुलाधिपत स्वर्ण पदक

अगर आप कोई सूचना, लेख, ऑडियो -वीडियो या सुझाव हम तक पहुंचाना चाहते हैं तो इस ईमेल आईडी info@khabarhindi.co.in  पर भेजें

संपादक- A R Usmani ख़बर हिंदी

( आप  हमें  फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और  यूट्यूब  पर  भी  फ़ॉलो  कर  सकते  हैं )

Share This Article
सम्पादक- ख़बर हिंदी
Follow:
सम्पादक- ख़बर हिंदी बचपन से ही पत्रकारिता का शौक था। मीडिया जैसे हथियार से समाज के दबे-कुचले, पिछड़े, शोषित, पीड़ित लोगों की मदद करने का जज्बा था जो अब भी बरकरार है। शुरूआत से ही सच लिखने का शौक़ था और जुनून भी। पीत पत्रकारिता करने वालों से घृणा है। नामचीन पत्रकारों के लेख मैं आज भी पढ़ता हूं। मकसद सिर्फ मिशन पत्रकारिता है। भारत के कई प्रिंट मीडिया संस्थानों में 25 वर्षों का योगदान रहा।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Exit mobile version