Saudi Arabia: सऊदी अरब के ओमान में बंधुआ मजदूर बना बलरामपुर का युवक, लगा एक लाख सात हजार जुर्माना

A R Usmani
A R Usmani - सम्पादक- ख़बर हिंदी
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गोण्डा। नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक के परिजनों से जालसाज ने डेढ़ लाख रुपए ऐंठ लिए। फिर पर्यटक वीजा बनाकर उसे सऊदी अरब के ओमान शहर भेज दिया। वहां उससे बंधुआ मजदूर की तरह काम लिया जाता है। पीड़ित ने वाट्सएप कॉल के जरिए परिजनों से इसका खुलासा किया है।

बलरामपुर जिले के रेहरा बाजार थाना क्षेत्र के शंकर डिहवा गांव के रहने वाले रामदेव वर्मा ने एसपी को शिकायती पत्र दिया है जिसमें कहा गया है कि उसके 23 वर्षीय पुत्र अंकित वर्मा को गोण्डा जिले के मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के चांदपुर गांव के रहने वाले लवकुश मौर्य ने अक्टूबर 2022 में

1.50 लाख लेकर टूरिस्ट वीजा बनाकर सऊदी अरब के ओमान शहर भेज दिया था जहां पर उससे बंधुआ मजदूर की तरह काम लिया जाता है। यह जानकारी उसने अपने परिजनों को वाट्सएप मैसेज के जरिए दिया है। उसने अपने पिता को वाट्सएप कॉल के जरिए यह भी बताया कि काम के बदले में पैसा भी नहीं मिल रहा है।

टूरिस्ट वीजा पर भेज दिया विदेश

पीड़ित युवक के पिता रामदेव ने बताया कि उसके बेटे को गुमराह करके टूरिस्ट वीजा पर नौकरी के लिए भेज दिया गया। बेटे को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह टूरिस्ट वीजा है। उसने बताया कि उसका सारा कागजात वहां पर एम्बेसी में जमा हो गया। वीजा समाप्त होने पर उसके ऊपर 1 लाख 7 हजार रुपए का जुर्माना लगा है।

अब वह विदेश से बिना जुर्माना की रकम अदा किए वापस नहीं आ सकता है। पीड़ित के पिता ने एसपी को बताया है कि उसका लड़का और वह स्वयं यह जुर्माना अदा करने में सक्षम नहीं है। उसके बेटे के साथ धोखाधड़ी की गई है। उसने फरियाद करते हुए कहा है कि साहब किसी तरह बेटे को वापस ले आओ।

एसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज

पीड़ित पिता की शिकायत पर एसपी ने मनकापुर कोतवाल को मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। मनकापुर के प्रभारी निरीक्षक चितवन कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

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सम्पादक- ख़बर हिंदी
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सम्पादक- ख़बर हिंदी बचपन से ही पत्रकारिता का शौक था। मीडिया जैसे हथियार से समाज के दबे-कुचले, पिछड़े, शोषित, पीड़ित लोगों की मदद करने का जज्बा था जो अब भी बरकरार है। शुरूआत से ही सच लिखने का शौक़ था और जुनून भी। पीत पत्रकारिता करने वालों से घृणा है। नामचीन पत्रकारों के लेख मैं आज भी पढ़ता हूं। मकसद सिर्फ मिशन पत्रकारिता है। भारत के कई प्रिंट मीडिया संस्थानों में 25 वर्षों का योगदान रहा।
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