
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा कर दिया। भारत के प्रतिनिधि ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वहां अल्पसंख्यकों पर संगठित और योजनाबद्ध तरीके से अत्याचार हो रहे हैं। जबरन धर्म परिवर्तन, महिलाओं पर यौन हिंसा, मंदिरों पर हमले और हिंदू, सिख व ईसाई समुदाय के खिलाफ लगातार हिंसा, पाकिस्तान की हकीकत को उजागर करते हैं।
भारत ने कहा कि पाकिस्तान अपने ही संविधान और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का उल्लंघन कर रहा है। देश की छवि को बचाने के लिए पाकिस्तान वैश्विक मंचों पर सफाई देने की कोशिश करता है, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है।
भारत के बयान के बाद परिषद में कई देशों ने पाकिस्तान से जवाब तलब किया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह भारत की कूटनीतिक जीत है क्योंकि उसने पाकिस्तान की असलियत को दुनिया के सामने उजागर किया।
यह मुद्दा भारत के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि पाकिस्तान लंबे समय से भारत पर कश्मीर को लेकर आरोप लगाता आया है। लेकिन इस बार भारत ने पलटवार करते हुए पाकिस्तान के अल्पसंख्यक उत्पीड़न को अंतरराष्ट्रीय एजेंडे पर ला दिया।
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संयुक्त राष्ट्र में भारत के इस तेवर से साफ है कि अब वह पाकिस्तान के झूठे नैरेटिव को बर्दाश्त करने वाला नहीं है। आने वाले समय में यह दबाव पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय छवि दोनों पर असर डाल सकता है।
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