Gonda News: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान दर्जीकुआं द्वारा कला प्रदर्शनी का हुआ आयोजन

A R Usmani
A R Usmani - सम्पादक- ख़बर हिंदी
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गोण्डा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान दर्जीकुआं द्वारा स्थानीय सेंट थॉमस स्कूल में कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसका उदघाटन जिलाधिकारी डॉ उज्ज्वल कुमार ने फीता काटकर तथा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने प्रदर्शनी में लगाई गई कलाकृतियों का अवलोकन किया। इस दौरान संस्थान की डीएलएड प्रशिक्षु प्राची श्रीवास्तव व सरोज पाल, अनुदेशक स्वदेश कुमार मिश्र ने अतिथियों को अपने द्वारा बनाई गई पेंटिंग भेंट की। जिलाधिकारी डॉ उज्ज्वल कुमार ने मंच से संस्थान की प्रशिक्षु आयशा की बनाई गई कलाकृतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

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उन्होंने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान दर्जीकुआँ के प्रवक्ता अमित कुमार मिश्र के द्वारा डिजाइन की गई बेसिक शिक्षा के पुस्तकों के कवर पृष्ठ की तारीफ करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में संस्थान के प्रवक्ता के द्वारा डिजाइन की गईं किताबें पढ़ाई जा रही हैं।

कला उत्सव कलात्मक अनुभव की खोज- प्राचार्य राकेश कुमार

इस अवसर पर उप शिक्षा निदेशक/डायट के प्राचार्य राकेश कुमार ने कहा कि कला उत्सव कलात्मक अनुभव की खोज, समझ, अभ्यास, विकास और प्रदर्शन की पहचान करने की एक पूरी प्रक्रिया है। कला उत्सव के नोडल प्रवक्ता अमित कुमार मिश्र ने कहा कि कला उत्सव प्रतिभागियों के जीवन कौशल को बढ़ाएगा। बच्चे भविष्य के बीज हैं। इसलिए हमारे विद्यालय भविष्य में इस देश की प्रयोगशाला का कार्य करेंगे।

इस अवसर पर हरेंद्र कुमार, डॉ राम तेज वर्मा, वंदना पटेल, ओमकारनाथ गुप्ता, डॉ संतोष यादव, ओमकार चौधरी, वीर बहादुर सिंह, डॉ सौमित्र सिंह, दिवाकर मिश्रा, प्रेम प्रताप सिंह, कृष्ण प्रताप सिंह, प्रद्युम्न प्रजापति, महेश गुप्ता, लवकुश यादव, देवेंद्र पासवान, साक्षी त्रिपाठी एवं संस्थान के समस्त प्रशिक्षुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

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सम्पादक- ख़बर हिंदी
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सम्पादक- ख़बर हिंदी बचपन से ही पत्रकारिता का शौक था। मीडिया जैसे हथियार से समाज के दबे-कुचले, पिछड़े, शोषित, पीड़ित लोगों की मदद करने का जज्बा था जो अब भी बरकरार है। शुरूआत से ही सच लिखने का शौक़ था और जुनून भी। पीत पत्रकारिता करने वालों से घृणा है। नामचीन पत्रकारों के लेख मैं आज भी पढ़ता हूं। मकसद सिर्फ मिशन पत्रकारिता है। भारत के कई प्रिंट मीडिया संस्थानों में 25 वर्षों का योगदान रहा।
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